वा पटपीत की फहरानि।
वा पटपीत की फहरानि।कर धरि चक्र चरन की धावनि, नहिं बिसरति वह बानि॥रथ तें उतरि अवनि आतुर ह्वै, कचरज की लपटानि।मानौं सिंह सैल तें निकस्यौ महामत्त गज जानि॥जिन गुपाल मेरा प्रन राख्यौ मेटि वेद की...
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वा पटपीत की फहरानि।कर धरि चक्र चरन की धावनि, नहिं बिसरति वह बानि॥रथ तें उतरि अवनि आतुर ह्वै, कचरज की लपटानि।मानौं सिंह सैल तें निकस्यौ महामत्त गज जानि॥जिन गुपाल मेरा प्रन राख्यौ मेटि वेद की...
व्रजमंडल आनंद भयो प्रगटे श्री मोहन लाल।ब्रज सुंदरि चलि भेंट लें हाथन कंचन थार॥जाय जुरि नंदराय के बंदनवार बंधाय।कुंकुम के दिये साथीये सो हरि मंगल गाय॥कान्ह कुंवर देखन चले हरखित होत अपार।देख देख व्रज सुंदर...
राखी बांधत जसोदा मैया ।विविध सिंगार किये पटभूषण, पुनि पुनि लेत बलैया ॥हाथन लीये थार मुदित मन, कुमकुम अक्षत मांझ धरैया।तिलक करत आरती उतारत अति हरख हरख मन भैया ॥बदन चूमि चुचकारत अतिहि भरि भरि...
मोहन केसे हो तुम दानी।सूधे रहो गहो अपनी पति तुमारे जिय की जानी॥हम गूजरि गमारि नारि हे तुम हो सारंगपानी।मटुकी लई उतारि सीसते सुंदर अधिक लजानी ॥कर गहि चीर कहा खेंचत हो बोलत चतुर सयानि।सूरदास...
मेटि सकै नहिं कोइकरें गोपाल के सब होइ।जो अपनौ पुरषारथ मानै अति झूठौ है सोइ॥साधन मंत्र जंत्र उद्यम बल ये सब डारौं धोइ।जो कछु लिखि राख्यौ नंद नंदन मेटि सकै नहिं कोइ॥दुख सुख लाभ अलाभ...
ॐ गण गणपतेय नमः,ॐ भद्रङ् कर्णेभिः शृणुयाम देवाः ।भद्रम् पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ।स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिःव्यशेम देवहितं यदायुः ।। ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः ।स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः ।स्वस्ति नस्ताक्ष्र्योऽअरिष्टनेमिःस्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ।।ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ।। ॐ नमस्ते गणपतये...
बल बुद्धि के दाता मेरे गणपतितेरे चरणों में सिर को नमन कर दियाबल बुद्धि के दाता मेरे गणपति तुम्हे मोदक चडाऊ सिंदूर अर्पण करूतेरे चरणों में जीवन समर्पण करूबल बुद्धि के दाता मेरे सब दाता...
सुनलो गणपति जी महाराज घर में तुम्हे बुलाते हैतुम्हे बुलाते है देवा तुम्हे बुलाते है,सुनलो गणपति जी महाराज घर में तुम्हे बुलाते है लड्डू चडाते देवा तुम को मोदक चडाते है,बड़े चाव से देवा दिल...
गणपति शिव नंदन का अभिनंदन करते हैंगणराज गजानंद का अभिनंदन करते हैंबल बुद्धि विद्या के तुम सागर हो स्वामीधनधान बड़ाई के नट नागर हो स्वामीसब दर्द भरे दिल मिल सब कंदन करते हैंगणपति शिवनंदन का...
गणपति जी तुमको हम दिल से बुलाते हैसब देवो में पेहले देवा तुम को मनाते है, पितामभर तन पे सिर मुकट विराजे हैकानो में कुंडल देखो देवा जी के साजे हैलड्डूअन का भोग लगा देवा...
गौरा गणपत तेरे संग विराजे,अद्भुत छवि है साजे,गौरा गणपत तेरे संग विराजे गंगा जल भर के कावड लाऊ पूरी श्रधा से भोले तुम्हे नेहलाऊभोले शंकर तुम देव हो साखेअद्भुत छवि है साजे,… सनान करा के...
हे गजाजन गणेशा गौरी सुतमएकदंतम सदा मंगलम कारकम कौन कहते है गणराज आते नहींहम तो प्रेम से उनको बुलाते नहींहे गजाजन गणेशा गौरी सुतमएकदंतम सदा मंगलम कारकम कौन कहते है गणराज नाचते नहींगणेश भक्तों के...