मेरे जीवन की जुड़ गई डोर,
ओ भोले तेरे चरणों में…..

तू एक इशारा कर दे,
मैं दौड़ा चला आऊं काशी में,
मैं तो नहाऊ गंगा रोज,
ओ भोले तेरे चरणों में,
मेरे जीवन की जुड़ गई डोर,
ओ भोले तेरे चरणों में…..

तेरी काशी नगरीया प्यारी प्यारी,
मैं वारी तेरी काशी में,
मेरे जीवन की हो जाए भोर,
ओ भोले तेरे चरणों में,
मेरे जीवन की जुड़ गई डोर,
ओ भोले तेरे चरणों में…..

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

मंगला गौरी व्रत

मंगलवार, 23 जुलाई 2024

मंगला गौरी व्रत
संकष्टी चतुर्थी

बुधवार, 24 जुलाई 2024

संकष्टी चतुर्थी
कामिका एकादशी

बुधवार, 31 जुलाई 2024

कामिका एकादशी
मासिक शिवरात्रि

शुक्रवार, 02 अगस्त 2024

मासिक शिवरात्रि
हरियाली तीज

बुधवार, 07 अगस्त 2024

हरियाली तीज
नाग पंचमी

शुक्रवार, 09 अगस्त 2024

नाग पंचमी

संग्रह