मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी,
मैं बिलकुल ना घोटूं ये तेरी बूटी……

जरा धीरे धीरे बोल विष्णु जी सुन लेगे,
जरा होल होल बोले वो लक्ष्मी सुन लेगी,
ये बूटी है गौरा मेरी दिव्य बूटी,
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी……..

जरा धीरे धीरे बोल ब्रह्मा जी सुन लेगे,
जरा होल होल बोले वो ब्राह्मणी सुन लेगी,
ये मस्ती तो गौरा बड़ी पीछे छुटी,
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी……..

जरा धीरे धीरे बोल वो नारद जी सुन लेगे,
जरा होल होल बोले शारदे सुन लेगी,
जो धाम मेरे पे देते है डयूटी,
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी……..

जरा धीरे धीरे बोल वो भक्त सुन लेगे,
जरा होल होल बोले पीने लग जायेगे,
ये मस्ती भक्तों ने गंगा पे लुटी,
मेरी गौरा मईया री भोले से रूठी……..

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

महावीर जन्म कल्याणक

रविवार, 21 अप्रैल 2024

महावीर जन्म कल्याणक
हनुमान जयंती

मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

हनुमान जयंती
चैत्र पूर्णिमा

मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

चैत्र पूर्णिमा
संकष्टी चतुर्थी

शनिवार, 27 अप्रैल 2024

संकष्टी चतुर्थी
वरुथिनी एकादशी

शनिवार, 04 मई 2024

वरुथिनी एकादशी
प्रदोष व्रत

रविवार, 05 मई 2024

प्रदोष व्रत

संग्रह