हरी बामन भेष बनाये बली राजा को छलने आये…..

इनके नन्ने नन्ने हाथ इनके नन्ने नन्ने पांव,
मृग छाला बगल में दबाये,
बली राजा को छलने आये…..

माथे तिलक सोहे. शिर पर छत्र धरे,
हाथौ में कमण्डल झुलाये,
बली राजा को छलने आये…..

कोधे जनेऊ धरे सिर पे चोटी सोहे,
चरणों में खडाऊ सुहाये,
बली राजा को छलने आये…..

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

मोहिनी एकादशी

सोमवार, 27 अप्रैल 2026

मोहिनी एकादशी
वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा

संग्रह