जय जय नारायण नारायण हरि हरि,
स्वामी नारायण नारायण हरि हरि।
तेरी लीला सब से न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी महिमा प्रभु है प्यारी प्यारी हरि हरि॥

अलख निरंजन, भवभय भंजन ,जनमन रंजन दाता।
हमें शरण दे अपने चरण में, कर निर्भय जगत्राता।
तुने लाखों की नईया तारी तारी हरि हरि॥

प्रभु के नाम का पारस जो छूले वो हो जाए सोना।
दो अक्षर का शब्द हरि है, लकिन बड़ा सलोना।
उसने संकट टाले भारी भारी हरि हरि॥

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि
गुड़ी पड़वा

गुरूवार, 19 मार्च 2026

गुड़ी पड़वा
उगादी

गुरूवार, 19 मार्च 2026

उगादी
चेटी चंड

शुक्रवार, 20 मार्च 2026

चेटी चंड
राम नवमी

गुरूवार, 26 मार्च 2026

राम नवमी

संग्रह