आओ गणपति राज, के प्रथमे तुम्हे मनाये,
के प्रथमे तुम्हे मनाये, के चरणों मे ध्यान लगाए,
पूर्ण करदो काज, के प्रथमे तुम्हे मनाये,
आओ गणपति राज के प्रथमे तुम्हे मनाये……

शिव शम्भु के राज दुलारे, गौरा मा के आंख के तारे,
रिद्धि सिद्धि के तुम हो दाता, दुखियो के तुम भाग्यविधाता…..-2
तुमको बुलावे आज, के प्रथमे तुम्हे मनाये,
आओ गणपति राज….
गौरा मा के लाल, शिव शम्भू के लाल
के प्रथमे तुम्हे मनाये…..

लड्डुअन का तुम्हे भोग लगाएं, तिलक सिन्दूरी तुम्हे लगाए,
कानन कुंडल मुकुट सजाये, स्वर्ण सिंघासन तुम्हे बिठाये…..-2
विनती सुन लो आज, के प्रथमे तुम्हे मनाये
आओ गणपति राज….
गौरा मा के लाल, शिव शम्भू के लाल
के प्रथमे तुम्हे मनाये…..

किरपा करदो मेरे स्वामी, भरदो मेरी झोली खाली,
आस तुम्हारी तुमसे मांगू, हे गजानन जग के स्वामी…..-2
मेरी सुनलो आज, के प्रथमे तुम्हे मनाये
आओ गणपति राज….
गौरा मा के लाल,शिव शम्भू के लाल
के प्रथमे तुम्हे मनाये…..

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