आनंदपुर में जो सज कर बैठे

कई देवता इस दुनिया में सब के रूप सुहाने है,
आनंदपुर में जो सज कर बैठे हम उस के दीवाने है…..

सरकार अनोखी है दरबार अनोखा है,
दिल से रिजाले तू बड़ा अच्छा मौका है,
सतगुरू दर जाने की खातिर तू करता रोज बहाने है,
आनंदपुर में जो सज कर बैठे हम उस के दीवाने है…..

हर घर में दाता जी बस तेरी चर्चा है,
देवो में देव मेरे बड़ा तेरा उचा दर्जा है,
भगतो के होठो पर मेरे प्रभु के तराने है,
आनंदपुर में जो सज कर बैठे हम उस के दीवाने है…..

Author: Unknown Claim credit

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