शौर्यवान वीर हनुमान
पराक्रम से गूँजे त्रिभुवन,धरती पातल दुस्ट भंजन,जल सागर करे पराजय क्रन्दन,त्रिकाल निरंतर लोक वन्दन,जय हनुमान ज्ञान गुण सागर,जय किपिस तिहुँ लोक उजगर,रामदूत अतुलित बल धामा,अंजनि पुत्र पवनसुत नामा….. पराक्रम से गूँजे त्रिभुवन,धरती पतल दुस्ट भंजन,जल...