गोपाल, कृष्ण मेरे, कर, दूर तूँ अँधेरे ॥
वस जायो, मन में मेरे ॥, दुखड़े, हरो तुम मेरे…
गोपाल, कृष्ण मेरे…

झूम झूम के, महिमा गाए, जो भी तेरे, दर पे आए l
सुँदर सूरत, देख के तेरी, राधा ने भी, तेरे गुण गाए ॥
बँसी वाले, मुरली मनोहर ॥, मेरे दिल में, लगा ले डेरे…
गोपाल, कृष्ण मेरे…

ऑंखे तेरी, मोतियन माला, सुँदर है मेरा, बृज गोपाला l
सूरत तेरी, इतनी प्यारी, सारे जगत से, है यह न्यारी ॥
तेरा ध्यान मैं, निस दिन ध्याऊँ ॥, आजा अब तो, पास तूँ मेरे…
गोपाल, कृष्ण मेरे…

सुने मन में, ज्योत जलाई, सारी दुनियाँ, तूने बनाई l
रोते हुए को, तूने हँसाया, तूने सब की, विगड़ी बनाई ॥
मेरी भी तो, विगड़ी बना दे ॥, आई आज मैं, द्वार पे तेरे…
गोपाल, कृष्ण मेरे…

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