नंदलाल चरण में निशदिन तू प्रीत लगा ले बंदे

छोड़ कर संसार जब तू जाएगा,
कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा….

तूने प्रभु का भजन किया ना, सत्संग किया ना दो घड़ियां,
यह यम के दूत लगाकर ले जाएंगे हथकड़ियां,
कौन छुड़वाएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,
छोड़ कर संसार जब तू जाएगा……

इस पेट भरण के खातिर तू पाप कमाता निशदिन,
श्मशान में लकड़ी रखकर तुझे आग लगेगी एक दिन,
भसम हो जाएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,
छोड़ कर संसार जब तू जाएगा……

सत्संग की बहती गंगा तो उसमें लगा ले गोता,
वरना दुनिया से जाएगा एक दिन तू रोता रोता,
फिर पछताएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,
छोड़ कर संसार जब तू जाएगा……

क्यों कहता मेरा मेरा यह चिड़िया रैन बसेरा,
यहां कोई ना रहने पाता यह चंद दिनों का डेरा,
हंस उड़ जाएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,
छोड़ कर संसार जब तू जाएगा……

नंदलाल चरण में निशदिन तू प्रीत लगा ले बंदे,
कट जाएंगे सब तेरे यह जन्म-मरण के फंदे,
पार हो जाएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,
छोड़ कर संसार जब तू जाएगा……

Author: Unknown Claim credit

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