धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए, तेरा ऊंचे भवन ते वास मां,
तुझे तेरा लाल पुकारता अब दिल में कर लो वास मां,
धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए…..

ऊंचे पर्वत भवन तेरा मां, तू सच्ची सरकार मां,
हंजूया नाल में पुकारा, सुन ले हुन अरदास मां,
तेरा जैसा ना कोई जग विच, रख दे सर ते हाथ मां,
धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए…..

ध्यानु दी तू माता जवाला, तेरा रूप मां सब तो निराला,
अकबर दा अभिमान तोड़ के, जग नू दिता भक्ति दा उजाला,
मैनू बक्श के भगति दा दान मां, हुन फड़ लो मेरी बाह मां,
धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए…..

बांझा नू तू लाल देवे मां, गूंगा नू बक्श दी वाणी,
जय वरगे पापिया नू मां, मैया गल नाल लंआदी तू,
मेरे मन दी आज पूजा मां, हुन मेरा भी बेड़ा तार मां,
धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए…..

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी

संग्रह