मुख्य सामग्री पर जाएँ

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी

भक्तिरस – BhaktiRas

धन दुर्गे मां वैष्णो

Dhan Durge Maa Vaishno – Lyrics in Hindi

माता जी अपडेट:

धन दुर्गे मां वैष्णो – लिरिक्स

पाठ

धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए, तेरा ऊंचे भवन ते वास मां,
तुझे तेरा लाल पुकारता अब दिल में कर लो वास मां,
धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए…..

ऊंचे पर्वत भवन तेरा मां, तू सच्ची सरकार मां,
हंजूया नाल में पुकारा, सुन ले हुन अरदास मां,
तेरा जैसा ना कोई जग विच, रख दे सर ते हाथ मां,
धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए…..

ध्यानु दी तू माता जवाला, तेरा रूप मां सब तो निराला,
अकबर दा अभिमान तोड़ के, जग नू दिता भक्ति दा उजाला,
मैनू बक्श के भगति दा दान मां, हुन फड़ लो मेरी बाह मां,
धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए…..

बांझा नू तू लाल देवे मां, गूंगा नू बक्श दी वाणी,
जय वरगे पापिया नू मां, मैया गल नाल लंआदी तू,
मेरे मन दी आज पूजा मां, हुन मेरा भी बेड़ा तार मां,
धन दुर्गे मां वैष्णो रानिए…..

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

WhatsApp Facebook

यह भी पढ़ें