मेरा कौन आसरा था तेरी बन्दगी से पहले,
मै तुम्हे ही ढुढंता था इस जिन्दगी से पहले,
मेरा कौन आसरा था तेरी बन्दगी से पहले……

मै तो खाक का था दर्रा मेरी ओर क्या थी हस्ती,
मै तो डगमगा रहा था तुफा मे जैसे कष्टी,
दर दर भटक रहा था तेरी बन्दगी से पहले,
मै तुम्हे ही ढुढता था इस जिन्दगी से पहले,
मेरा कौन आसरा था तेरी बन्दगी से पहले……

तू जो महेराबाँ हुई तो सारा जग महेरबाँ है,
ये जमीं महेरबाँ है आसमाँ भी महेराबान है,
मजा जिन्दगी क्या था तेरी बन्दगी से पहले,
मै तुम्हे ही ढुढंता था इस जिन्दगी से पहले,
मेरा कौन आसरा था तेरी बन्दगी से पहले…….

तेरी करुणा भी बङी है तेरी हस्ती भी बड़ी है,
माँ केवल कृपा की दृष्टी इस झोली पे पड़ी है,
मै तो करता ही बुरा था तेरी बन्दगी से पहले,
मै तुम्हे ही ढुढंता था इस जिन्दगी से पहले,
मेरा कौन आसरा था तेरी बन्दगी से पहले……

मै था इस जहाँ मे जैसे खाली है सिप होती,
मेरी पङ गई है कीमत तूने भर दिया जो मोती,
मेरा साया तक जुदा था तेरी बन्दगी से पहले,
मै तुम्हे ही ढुढंता था इस जिन्दगी से पहले,
मेरा कौन आसरा था तेरी बन्दगी से पहले……

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