मेरे कंठ बसो महारानी,
ना मैं जानू पूजा तेरी,
ना मैं जानू महिमा तेरी,
मैं मूरख अज्ञानी,
मेरे कंठ बसो महारानी….

सुर में ताल में लय और राग में,
तुम ही हो रागिनी माँ,
सात सुरो की हो वरदानी,
माँ शारदे वीणा वाणी,
मेरे कंठ बसो महारानी…..

ब्रम्हा जी की हो ब्रम्हाणी,
लक्ष्मी हो विष्णु प्रिया हो,
काली गौरी दुर्गा भी हो,
तुम हो शिव की शिवानी,
मेरे कंठ बसो महारानी……

जब भी गाउँ महिमा तुम्हारी,
ना बहकु ना भटकु,
लख्खा सुनाये प्रेम से सबको,
तेरी अमर कहानी,
मेरे कंठ बसो महारानी…..

मेरे कंठ बसो महारानी,
ना मैं जानू पूजा तेरी,
ना मैं जानू महिमा तेरी,
मैं मूरख अज्ञानी,
मेरे कंठ बसो महारानी……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी

संग्रह