तेरे चरणो की भक्ति, माँ अम्बे मुझे दे दो,
वाणी मे ही शक्ति, वाणी मे ही शक्ति,
माँ अम्बे मुझे दे दो, तेरे चरणो की भक्ति…..

मै भूला हुआ राही हुँ ना ही कोई सहारा है,
मझधार में है नैया, बड़ी दूर किनारा है,
मुझे मन्जिल मिल जाये, मुझे मन्जिल मिल जाये,
निज धाम मुझे दे दो, तेरे चरणो की भक्ति……

इस जग से क्या लेना, मै जग की सताई हुँ,
ठुकराकर दुनिया को, तेरी शरण में आई हुँ,
माँ तेरा ही भजन करुं, माँ तेरा ही भजन करुं,
निज ध्यान मुझे दे दो, तेरे चरणो की भक्ति……

तेरे नाम की ही मस्ती माँ ऐसी चढ़ जाये,
पल पल तेरा नाम जपु ऐसी भक्ति बढ़ जाये,
नित मस्त रहु चित में, नित मस्त रहु चित में,

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