की झूला झूले रे हरि
हरे रामा रिमझिम बरसे बदरिया,झूले दशरथ की रनियाकी हरे रामा रिमझिम बरसे बदरिया,के झूले दशरथ की रनियाकी हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया,झूला झूले रे रनिया….. महलन महलन झूला डारे,झूल रहे हैं रघुवर प्यारे,की हरे रामा...
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हरे रामा रिमझिम बरसे बदरिया,झूले दशरथ की रनियाकी हरे रामा रिमझिम बरसे बदरिया,के झूले दशरथ की रनियाकी हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया,झूला झूले रे रनिया….. महलन महलन झूला डारे,झूल रहे हैं रघुवर प्यारे,की हरे रामा...
तेरी पूजा मे मन लीन रहे,मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,मीट जाये जन्मों की तृष्णा,श्री राम मिले जो प्यार तेरा….. तुझमे खोकर जीना है मुझे,मै बूँद हूँ तु इक सागर है,तुझ बिन जीवन का अर्थ...
( राम नाम की लूट है,लूट सके तो लूट,अंत काल पछतायेगा,जब प्राण जायेंगे छूट || ) तेरे मन में राम,तन में राम,रोम रोम में राम रे,राम सुमीर ले,ध्यान लगा ले,छोड़ जगत के काम रे,बोलो राम...
राम का नाम लो,या श्याम की पूजा कर लो,कोई अंतर नही दोनो मे,भरोसा करलो….. जीवन मे जप लो बस दो ही नाम,राम कहो कहलो श्याम,सुमिरन जो दिन रैन इनका करे,संकट रहेगा उनसे परे,राम का नाम...
मनवा राम सुमिर लै रे, नहीं तो रोकग जमदानी,नहीं तो रोकग जमदानी, नहीं तो रोकग जमदानी,मनवा राम सुमिर लै रे….. साधु की वाणी सदा सुहानी, ज्यों झिरिया को पाणी रे,खोजत खोज़त खोज लिया रे, कई...
वक़्त चाहिए ना मुझको,आराम के लिए,मेरी ज़िंदगी है सिर्फ़,मेरे राम के लिए.. वीराने में राम ना भाए,दो दो नैना नीर बहाए,कैसे मन को मनाऊं,विश्राम के लिए,मेरी ज़िंदगी हैं सिर्फ़,मेरे राम के लिए……. टूट गये उम्मीदों...
राम जपले जिंदड़िये नी,ऐत्थे बैठ किसी ने ना रहना,नाम जपले जिंदड़िऐ नी,ऐत्थे बैठ किसी ने ना रहना,ऐत्थे बैठ किसी ने ना रहना,ऐथे बैठ किसी ने ना रहना,नाम जपले जिंदड़िये नी,ऐथे बैठ किसी ने ना रहना....
दशरथ तीन बचन गए हार वन की करो राम तैयारी….. कौशल्या मां तुम्हारी वह लगती सास हमारी,उनके चरण छुवत भई देर, वन की करो राम तैयारी……. वह दशरथ पिता तुम्हारे वह लगते सुसर हमारे,उनके चरण...
देखो शबरी के खुल गए भाग कुटिया में राम आ गए….. मेरी कुटिया में गंगा और सरयू,स्नान करेंगे श्री राम, कुटिया में राम आ गए……. मेरी कुटिया में चंदन का पेड़ है,तिलक लगाएं सुबह शाम,...
सीताराम दरश रस बरसें,जैसे सावन की झड़ी….. “चहुं दिशि बरसें राम रस,छायों हरस अपार,राजा रानी की करे,सब मिल जै जैकार ||” कौशल नंदन राजा राम,जानकी वल्लभ राजा राम,जै सियाराम जै जै सियाराम || ऐसे राम...
हृदय साफ किया ना अपना,राम कहां से पाओगे।। तन को धोया मल मल तूनेसाबुन लाख लगाये रेमन मंदिर को धोया नाहीं,कैसे प्रभु को पाओगे.राम कहां से पाओगे। नाना इतर लगाया तूने,तन को खूब सजाया रे,मन...
भेदी भेद ना खुलने पाए,चाहे धरती गगन टकराये,चाहे प्राण रहे या जाए,पर भेदी भेद ना खुलने पाए…. मिले जब राम सीता से, टहलते समय फुलवारी में,सिया को राम प्यारे थे, लगी सीता उन्हें प्यारी,ध्यान बरदान...