हरिद्वार जाउंगी सखी ना लौट के आऊँगी
सखी हरिद्वार जाउंगी,हरिद्वार जाउंगी,सखी ना लौट के आऊँगी,मेरे उठे विरह में पीर,सखी हरिद्वार जाउंगी…… छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,भोले तेरी याद में,छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,भोले तेरी याद में,मेरे नैनन बरसे नीर,सखी हरिद्वार जाउंगी….. सुंदर...