काली माँ ज्योत जगाई है

काली माँ, ज्योत जगाई है,
सवाली बन दर पे आये है,
आये सर को मैं झुकाने,
तेरे दर पे हो मईया रानी।।

सुन्दर है तेरा भवन,
सुन्दर ये स्वरुप है,
कोटि कोटि तुम्हे मेरा प्रणाम है,
जो भी तेरे दर पे आया,
वो ना कभी खाली गया,
तुम्ही हो खप्पर वाली,
काली माँ, ज्योत जगाई है…..

विनती करो मंजूर, तेरी शरण आया हु,
बालक हु माँ मैं तेरा, तेरी शरण आया हु,
तेरी महिमा गाता हूँ, तुमसे आस लगाता हु माँ,
शान तेरी है निराली,
काली माँ, ज्योत जगाई है…….

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