जंगल में मंगल करईयो गजानंद जी
जंगल में मंगल करईयो गजानंद जी…. जो कोई तुमसे बेटा मांगे,श्रवण सविता तुम देना गजानंद जी…. जो कोई तुमसे बेटी मांगे,मीरा जैसी बेटी तुम देना गजानंद जी…. जो कोई तुमसे बहूअल मांगे,राधा जैसी बहूअल तुम...
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जंगल में मंगल करईयो गजानंद जी…. जो कोई तुमसे बेटा मांगे,श्रवण सविता तुम देना गजानंद जी…. जो कोई तुमसे बेटी मांगे,मीरा जैसी बेटी तुम देना गजानंद जी…. जो कोई तुमसे बहूअल मांगे,राधा जैसी बहूअल तुम...
माता है गौरा पिता है महेश,जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश…. तेज तुम्हारा चम चम चमके,हे गणराजा दम दम दमके,जैसे गगन में चमके दिनेश,जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश…. हे सुखदायक विघ्न हरईया,हे...
गणपति गौरी के लाला मैं पूजा करूं तुम्हारी,हे देवाधिदेव वंदना पहले करूं तुम्हारी…. सोया चंदन और केसर का मस्तक तिलक लगाऊ,गले पुष्पों की माला डालूं ज्योत सुगंध जलाऊ,हे गजबंदन पुकारु तुमको रख लो लाज हमारी,गणपति...
अब के बरस मोरे गाँव में बप्पा गुजरी सूत गणराज,देवा होके सवार मूसा आओ महाराज…. गलियन में फूल बिछाओ पालक पावड़े राह में,वंदन बारे द्वार सजाऊँ चौक पुराऊँ चाह में,कैसे मनाऊं तुमको शिव जी के...
आये हैं तेरे द्वारे आंसुओ की लेके धारे,गिरजा सुमन प्यारे चरण तुम्हारे।। माथे पे रोरी चंदन स्वीकारो मेरा वन्दन,जय हो तोरी गौरी नंदन करते तेरा अभिनंदन,श्रद्धा सुमन मेरा चरण तुम्हारे…. मंदमति हु स्वामी तुम तो...
गिरिजा के छैया गणपति तुम्हे पुकारू,पूजूं मैं तुम्हे आरती तेरी उतारूं,गिरिजा के छैया…. पान फूल मेवा से चरणों की सेवा से,प्रथम तुम्हे पूजूं छवि चित धारण,गिरिजा के छैया गणपति तुम्हे पुकारू,गिरिजा के छैया….. देव दुष्ट...
गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी,गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी…. सुरहिन गैया को गोबर मँगाऊ,दिग धर अगना लीपाऊं,आज सुध लीजे हमारी,गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे हमारी,गौरी गणेश मनाऊँ आज सुध लीजे...
विघ्न नाशन आहे उमानंदन,अद्य पूजिता तुमे हे गजानन,सुख ओजाडी करा रिश्त खंडन,बुद्धि सिद्धि दाता तुमे महान,सबु थी उरधा रे तुमारी नमा,हे देवा गणेशाय नमःहे देवा गणेशाय नमः…… तुमेही आराधना मंगल मूर्ति,तुम्हारी कृपा बले सकल शांति,तुमारी...
शुभ अवसर घर आयो,आओजी मेरे गणपति देव,मंगल कलश सजायो ,आओजी मेरे गणपति देव,शुभ अवसर घर आयो…… पार्वती पुत्र का करते वंदना,रिद्धि-सिद्धि संग आओ भगवान,घर पवन कर जाओ,आओजी मेरे गणपति देव,शुभ अवसर घर आयो….. मंगलमूर्ति आओ...
गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो….. कजरा लगाने को शंकरजी आए,गौरा की लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो,गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो…… कजरा लगाने रामजी आए,सीता माता...
घर मे पधारो गजानंद जी,मारे घर मे पधारो,रिद्धि सिद्धि लेके आ गणराजा,मारे घर मे पधारो….. राम जी पधारो लक्ष्मण जी पधारो,संग मे ले आना सीता मैया,मारे घर मे पधारो…… ब्रम्हा जी पधारो विष्णु जी पधारो,भोले...
यूं न जाओ छोड़कर,है गणपति अपना घर,तुम हो हमारे,तुम हो हमारे सब कुछ देवा,तुम को नहीं खबर….. आये थे तुम खुशियां लेकर,बरसाया था नूर यहां,अभी-अभी तो मिलें थे हमसे,अभी चले तुम दूर कहां…. कहां चले,कहां...