बाबा श्याम के दरबार मची होली
बाबा श्याम के दरबार में मची है होली बाबा श्याम के,नंदलाल के दरबार मची है होली नंदलाल के…. के मन लाल गुलाल उड़ता है,के मन केसर कस्तूरी बाबा श्याम के,बाबा श्याम के दरबार में मची...
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बाबा श्याम के दरबार में मची है होली बाबा श्याम के,नंदलाल के दरबार मची है होली नंदलाल के…. के मन लाल गुलाल उड़ता है,के मन केसर कस्तूरी बाबा श्याम के,बाबा श्याम के दरबार में मची...
हारे के सहारे आप हो मेरे खाटू लखदातार,सरन में थारे आगयो बाबा रख दो मारी लाज,मैं तो रोज रोज थारा ही गुन गाऊ खाटू वाले जी,हेलो मारो समलो जी, लखदातार जी हेलो…. तीन बाण धारी...
तर्ज – जीता था जिसके लिए गाता हूँ जिसके लिए,जिसके भजन करता हूँ,वो खाटू का राजा है,जिसे मैं प्यार करता हूँ,वो खाटू का राजा हैं,जिसे मैं प्यार करता हूँ….. इनसे ही है मेरी ये जिंदगानी,इनसे...
तर्ज – कैसी मुरलिया बजाई रे ग्यारस की रात फिर आयी रे,कीर्तन की रात फिर आई रे,श्याम मिलन हो रहा,ग्यारस की रात फिर आई रे,श्याम मिलन हो रहा है…… मिलती नजर तो दिल है उछलता,झुकती...
बनडो सो बण बैठ्यो श्याम प्यारो लागे है,खाटूवालो श्याम बड़ो सोणो लागे है,लखदातारी म्हारो श्याम बड़ो प्यारो लागे है…… रंग बिरंगी पेहरी माला,ऊपर पहरया चोखा बागा,सांवली सूरत म्हाने प्यारी लागे है,खाटूवालो श्याम बड़ो सोणो लागे...
तर्ज – दिल के अरमा आंसुओ में सांवरे से दिल लगा कर देखले,हाले दिल अपना सुनाकर देखले…… ज़िन्दगी तेरी सफल हो जाएगी,हर तरफ खुशिया ही खुशिया छाएगी,श्याम की ज्योति जगा कर देख ले,हाले दिल अपना...
कबसे राहें तकूँ श्याम तेरी,क्यों ली ना खबर तूने मेरी,रुक जाएंगी सांसें ये,जो तूने करी देरी…. श्याम मेरे श्याम……….श्याम मेरे श्याम………. मेरा कोई नहीं है सहारा,कहीं मिलता नहीं है किनारा,राहें जीवन की है सब अँधेरी,क्यों...
लाज बचाने वाले मेरी बिगड़ी बनाने वाले,तू ही तू ही तू है श्याम तू ही तू ही तू है….. जब जब भी विपदा आये मुझको संभाले तू,बीच भवर से बाबा मुझको निकाले तू,बन के खिवैया...
तर्ज – तुम्ही मेरे मंदिर तुम्ही मेरी बीच भंवर में नैया हमारी,हमें श्याम प्यारे जरुरत तुम्हारी,हमें श्याम प्यारे जरुरत तुम्हारी……. तेरा है भरोसा तेरा आसरा है,इतना तो प्यारे तुम्हे भी पता है,सब जानते हो हे...
सूरत सलोनी श्याम की दिल में मेरे बसी,करता हूँ मैं तो चाकरी खाटू के श्याम की,सूरत सलोनी श्याम की ………. होता नहीं है प्रेम का सौदा है दर पे श्याम,रीझे है भाव से हरी बनते...
( जीवन झूठा सपना है,मरना है एक हकीकत,श्याम का दीवाना,कर रहा है एक वसीयत || ) ऐ भक्तो मेरे मरने के बाद,इतना कष्ट उठा देना,मेरे कानो में बाबा के,जयकारे लगवा देना…… खाटू धाम के श्याम...
तर्ज – तेरा मेरा प्यार अमर तेरा हाथ है जो सर पर,मुझको फिर किस बात का डर,यूँ ही अपना हाथ सदा,बाबा रखना मेरे सर पर,तेरा हाथ हैं जो सर पर,मुझको फिर किस बात का डर…....