हिंदी भजन लिरिक्स के साथ भक्ति में डूबें! सभी देवी-देवताओं के मधुर भजन, आरती और स्तुतियाँ BhaktiRas.in पर। आत्मिक शांति पाएं।

प्यारो घणो लागे जी नारायण

प्यारो घणो लागे जी नारायण

प्यारो घणो लागे जी नारायण थांको मालासेरी दरबार, मंदिरिया के आजु बाजू सरोवर भरिया हजार,ऊँची ऊँची लहरें चाले ,ठण्डी चाले फुवांर॥ प्यारो….. भांत भांत का रुक भरकड़ा पायो नही कोई पार,कोयल मोर पपहिया बोले, बोले...

जय जय गूँजे जी जयकारों थारा नाम को

जय जय गूँजे जी जयकारों थारा नाम को

देव धणी को मन्दिर प्यारो , मालासेरी गाँव जी,साडू मां का लाल थांको , जग में मोटो नाम जी.जय जय गूंजे जी जयकारों थारा नाम को. माह महीना में आप पधारिया , थावर रूड़ो वार...

नाम तुम्हारा तारनहारा

नाम तुम्हारा तारनहारा

नाम तुम्हारा तारनहारा,कब तेरा दर्शन होगा,जिस की रचना इतनी सुंदर वो कितना सुंदर होगा सुर नर मुनि जन तुम निष् दिन शीश निभाते है,जो गाते है तेरी महिमा मन वांचित फल पाते है,धन्ये घडी समजू...

हे गोविंद हे गोपाल अब तो जीवन हारे

हे गोविंद हे गोपाल अब तो जीवन हारे

हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन हारे ।अब तो जीवन हारे प्रभु शरण है तिहारे… हे गोविंद ॥ नीर पीवण हेतु गयो सिन्धू के किनारेसिन्धू के बीच बसत ग्राह चरण ले पधारेहे गोविन्द हे...

नारायण नारायण नारायण भजले घडी

नारायण नारायण नारायण भजले घडी

नारायण नारायण नारायण,भजले घडी दो घड़ी नायरण,ये नाम बड़ा अनमोल बड़े मीठे इसके बोल,नारायण नारायण नारायण…. ये जीवन की सचाई है मोह माया काम ना आइए है,तूने पाप किये या पुण्य किये बस येही तेरी...

नारायण आया पावणा

नारायण आया पावणा

छोरिया म्हारी गाओ ये बजाओ गढ़ की गुजरियाम्हारा नारायण का गाओ मंगला चार ,,,म्हारे देव पधारिया पावणा ॥ थाने धन्य धन्य म्हारी मालासेरी डुंगरिया ।वठे जन्मिया जन्मिया त्रिलोकी का नाथ ॥नारायण आया पावणा…… सैया मारी...

जय जय सुरनायक

जय जय सुरनायक

ब्रह्मादी देवो द्वारा स्तुति - रामचरितमानस से शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं,विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनं योगिभिध्यार्नगम्यम्,वंदे विष्णुम् भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्, जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता,गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिंधुसुता प्रिय कंता,पालन सुर धरनी...

खोजते जिसे स्वयं भगवान

खोजते जिसे स्वयं भगवान

कहां छुपा बैठा है अब तक वह सच्चा इंसान,खोजते जिसे स्वयं भगवान, जिसने रूखा सूखा खाया ,पर न कहीं ईमान गवाया ,उसने ही यह भोग लगाया ,जिसे राम ने रूचि से खाया ,स्वार्थ रहित सेवा...

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह