जिनके हाथों मे सुदर्शन चक्र रहे
जिनके हाथों में सुदर्शन चक्र रहे,जिनके अधरों पे मुस्कान बिखरी रहेवो हैं मन भावन श्री मन नारायण,नारायण भक्तों के कष्ट काटने हेतूकितने ही अवतार कियेत्रेता में जन्मे राम बनकरद्वापर में घनश्याम बनेधनुष जिनके हाथों की...
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जिनके हाथों में सुदर्शन चक्र रहे,जिनके अधरों पे मुस्कान बिखरी रहेवो हैं मन भावन श्री मन नारायण,नारायण भक्तों के कष्ट काटने हेतूकितने ही अवतार कियेत्रेता में जन्मे राम बनकरद्वापर में घनश्याम बनेधनुष जिनके हाथों की...
बाजरे दा ढोडा धने हथा ते पका लेया बाजरे दा ढोडाधने हरी दा दर्शन भगतो पथरा च पा लिया बाजरे दा ढोडा इक दिन बेह के प्रेम प्यार विच करण लगे दो गल्ला,भगवन कहंदे सुन...
गन्दला दा साग रोटी मक्की दी बनाई आ,खा लै ठाकरा वे ऐनी देर क्यों लगाई आमखनी दा पेडा लस्सी छने विच पाई आखा लै ठाकरा वे ऐनी देर क्यों लगाई आ सारे कम छड के...
एक हाथ में चक्क्र सुदर्शन, दूजे में गदा विराजे,करे शेष नाग की सवारी, श्री सागर आसन लागे ll,,*पूजन करो भक्तों,,, ll, हरि विष्णु का,भजन करो भक्तों, हरि विष्णु का" ll( पूजन करो भक्तों, हरि विष्णु...
हरी नाम की माला जप ले ll,"पल की खबर नही,,ओ, xll"अन्तरघट मन को मथ ले,"पल की खबर नही,,ओ, xll"हरी नाम की माला,,,,,,,,,,,,, नाम बिना ये तेरा, "जीवन अधूरा है" lघाटा सत्संग बिना, "होता नही पूरा...
धुन- परदेसियों से न अख्खियाँ भजले हरी को, एक दिन तो है जाना ll,जीवन को यदि, सफल बनाना,भज ले हरी को,,,,,,,,,,,,,,, किस का गुमान करे, कुछ भी न तेरा ll,दो दिन का है यह, रैन...
मेरा छोटा सा संसार,हरि आ जाओ एक बार ll*हरि आ जाओ, प्रभु आ जाओ l*मेरी नईया, पार लगा जाओ l*मेरी बिगड़ी, आ के बना जाओ lभक्तों की, सुनो पुकार,हरि आ जाओ एक बार,,,मेरा छोटा सा...
करना फकीरी फिर क्या दिलगिरीसदा मगन में रेहना जीकोई दिन हाथी ने कोई दिन घोड़ाकोई दिन पैदल चलना जीकरना फकीरी फिर क्या दिलगिरीसदा मगन में रेहना जीकोई दिन हाथी ने कोई दिन घोड़ाकोई दिन हाथी...
जगदीश ज्ञानदाता सुख-मूल, शोक-हारी,भगवान तुम सदा हो निष्पक्ष न्यायकारी, सब काल सर्वज्ञाता सविता पिता विधाता,सबमें रमे हुए हो तुम विश्व के बिहारी, कर दो बलिष्ठ आत्मा, घबरा न जाएँ दुःख से,कठिनाइयों का जिससे, तर जाएँ...
नाम हरी का जप ले बन्दे फिर पीछे पछतायेगा तू कहता है मेरी काया काया का घुमान क्या,चाँद सा सुन्दर यह तन तेरे मिटटी में मिल जाएगा,फिर पीछे पछतायेगा…… बाला पन में खेला खाया आया...
आएगा जब रे बुलावा हरी काछोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा नाम हरी का साथ जायेगाऔर तू कुछ ना ले पायेगाआएगा जब रे बुलावा हरी काछोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा राग द्वेष में हरी...
हर रूप रंग में ढंग में तूँनहरों नदियों में तरंग में तूँ,है परम् पिता जगदीश हरेप्रभु प्रेम उमंग में तूँ ही तूँ, तूँ बनकर सूर्य प्रकाश करे,कहीं शीतल चाँद का रूप धरे,तारों में तेरा रूप...